अंक -10 / 01 / 2010

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E-Magazine

  द लास्ट पंच

cartoon of the week


  संपादकीय

Professor Arindam Chaudhuri, Renowned Management Guru & Economist, Dean - IIPM

यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमने दुनिया के खाने के कटोरे को भीख के कटोरे में बदल दिया है
हालांकि सरकार हमें यह यकीन दिला रही है कि अर्थव्यस्था के साथ सबकुछ ठीक ठाक है और भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक मंदी को झेलने में पूरी तरह सक्षम है. लेकिन अगर कोई दिल्ली की सब्जीमंडी में या फिर इसके लिए देश में कहीं भी जाता है तो उसे वास्तव में एक अलग ही तस्वीर नजर आती है. करीबन साल में खाद्य पदार्थों की कीमतें इस कदर आसमान छूने लगीं हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गईं है... आगे>>>


  विशेष कालम
Column news
प्रशांतो बॅनर्जी
जब जिन्दगी बदल गई  आगे>>>
Column news
खान खानदान
हम आपके हैं खान  आगे>>>
Column news
विद्याचरण शुक्ल
विरासत नहीं, योग्यता सबसे जरुरी, सबसे ऊपर आगे>>>



  आमुख कथा

Cover Story
महान भारतीय राजवंश

महान भारतीय परिवार

भारत में वंशवाद की परंपरा अभी क्यों जिंदा रहेगी, बता रहे हैं सुतनु गुरू

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  मंथन

Dear Editor इस्लामी वित्त का सर्वव्यापीकरण!

ऐसी खबर है कि केरल सरकार इस्लामी वित्त मार्ग के जरिए मध्य पूर्व से निवेश का दोहन करने के लिए हर तरीके अपनाने को तैयार है. साथ में एक खबर यह भी है कि केंद्र ने अभी तक देश में इस्लामी बैंकिंग की शुरुआत के लिए अपनी मंजूरी नहीं दी है, यह अलग बात है कि इस्लामी बैंकिंग को मंजूरी देने की बात सरकारी गलियारे और वित्तीय क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा में चली आ रही थी. यहां पर ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इस्लामी बैंकिंग की एक सक्षम, व्यावहारिक और मान्य रूपरेखा बनाने के रास्ते में कई चुनौतियां और अड़चनें हैं... आगे>>>

  प्रिय संपादक

Dear Editor करारा प्रहार

लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट पेश होने से पूर्व लीक होना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा. द संडे इंडियन के प्रधान संपादक प्रो.अरिंदम चौधरी ने 30 नवंबर के अपने आलेख में यूपीए सरकार पर बहुत करारा प्रहार किया है. मुझे यह पढ़कर अफसोस हुआ कि 26/11 की पहली बरसी की पूर्व संध्या पर 17 साल पुराने बाबरी मस्जिद मामले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को संदेह के घेरे में लाया गया. यह कहां तक उचित है? वहीं नरसिंह राव का नाम इस मामले से अलग रखा जा रहा है. दोहरी नीति का होना शोभनीय नही है... आगे>>>