आमुख कथा

इट हैपेंस ओनली इन इंडिया
विविधता और जटिलता से भरे भारत का अतीत शानदार है. संस्कृति, परंपरा, स्थानों के अनुरूप मूल्य, शिष्टाचार, आदतें और खानपान- यह सब कुछ हमेशा से सही मायने में भारतीय रही हैं और रहेंगी. थोड़ा-सा पागलपन, कुछ हिंसा और बहुत सारी उन्मत्त ऊर्जा के आवेग में रचा-बसा रहस्यवाद- इसी सम्मिश्रण से बना है भारत और बने हैं भारतीय. द संडे इंडियन ने उन विषयों की एक ऐसी सूची बनाने की कोशिश की है, जो भारत को अनूठा बनाती हैं. सूची में विषय या चित्र बेतरतीब ढंग से चुने गए हैं, चाहे वो विचार हों/घटनाएं/प्रथाएं या कुछ और...
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मंथन
एक खामोश क्रांति की दस्तक
चलिए, इस समय के एक सच्चे सिद्धांत से बात शुरु करते हैं. भारत एक अनूठा देश है. यह इतना अद्वितीय है कि पलायनवादियों और आशवादियों दोनों की प्यास समान रूप से बुझा सकता है. लेकिन इस दृष्टिकोण से यह बात बेमतलब हो जाती है कि भारत और भारतीयों ने संसार को जो योगदान दिया है उससे कौन इनकार कर सकता है. आज भी भारत अपने योगदान की विरासत बचाए रखने के लिए अपने तरीके से हर संभव कोशिश कर रहा है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि वह यह काम चुपचाप करता रहता है. अतीत के कडवे अनुभवों के बावजूद भारत ने अपने पड़ोसी देशों को मदद के लिए कभी इनकार नहीं किया...
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प्रिय संपादक
सख्त कानून की जरूरत
चीनी व्यापारियों और उनकी जमाखोरी की वजह से हमारे यहां चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं. हम चाहे कितनी भी पैदावार कर लें, पर जमाखोर और ठेकेदार जमीन से आसमान तक खर्चा पहुंचाने में कमी नहीं करते, जिसकी
वजह से आम आदमी आनेवाले त्योहारों को तो छोड़ दें, चीनी से बनने वाली चीजों से भी तौबा कर लेगा. सरकार को चीनी के दाम उचित मूल्य पर लाने के लिए किसानों को सब्सिडी देने के साथ साथ जमाखोरों और ठेकेदारों पर लगाम लगाने की जरूरत है. अगर सरकार सच में कालाबाजारी को रोकना चाहती है तो उसे इसके खिलाफ सख्त कानून बनाना चाहिए....
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