अंक -18 / 10 / 2009

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E-Magazine

  द लास्ट पंच

cartoon of the week


  संपादकीय

Professor Arindam Chaudhuri, Renowned Management Guru & Economist, Dean - IIPM

जब अमेरिकी ओबामा की स्वास्थ्य योजनाओं का विरोध करते हैं, तो भारतीयों का हैरान होना लाजिमी है!
अभी महज दो ही हफ्ते हुए होंगे, जबलाखों अमेरिकी नागरिक अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की स्वास्थ्य योजनाओं का विरोध करने के लिए जमा हुए थे. ओबामा अपनी तरफ से भरसक कोशिश कर रहे हैं कि अमेरिकी नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार हो, इसी के साथ उनकी यह भी कोशिश है कि अमेरिका में लगातार बढ़ रहे इलाज के खर्चों को जहां तक संभव हो, कम किया जाए. उनकी योजना के अनुसार स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ तकरीबन 97 फीसदी अमेरिकी आबादी को मिलने वाला है. ... आगे>>>


  विशेष कालम
Column news
प्रशांतो बॅनर्जी
एक माफी और एक वादा  आगे>>>
Column news
रितेश देशमुख
छोटी मुलाकात  आगे>>>
Column news
अर्चना डालमिया
सोनिया ने दिखाया रास्ता आगे>>>



  आमुख कथा

Cover Story
इट हैपेंस ओनली इन इंडिया

विविधता और जटिलता से भरे भारत का अतीत शानदार है. संस्कृति, परंपरा, स्थानों के अनुरूप मूल्य, शिष्टाचार, आदतें और खानपान- यह सब कुछ हमेशा से सही मायने में भारतीय रही हैं और रहेंगी. थोड़ा-सा पागलपन, कुछ हिंसा और बहुत सारी उन्मत्त ऊर्जा के आवेग में रचा-बसा रहस्यवाद- इसी सम्मिश्रण से बना है भारत और बने हैं भारतीय. द संडे इंडियन ने उन विषयों की एक ऐसी सूची बनाने की कोशिश की है, जो भारत को अनूठा बनाती हैं. सूची में विषय या चित्र बेतरतीब ढंग से चुने गए हैं, चाहे वो विचार हों/घटनाएं/प्रथाएं या कुछ और...


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  मंथन

Dear Editor एक खामोश क्रांति की दस्तक

चलिए, इस समय के एक सच्चे सिद्धांत से बात शुरु करते हैं. भारत एक अनूठा देश है. यह इतना अद्वितीय है कि पलायनवादियों और आशवादियों दोनों की प्यास समान रूप से बुझा सकता है. लेकिन इस दृष्टिकोण से यह बात बेमतलब हो जाती है कि भारत और भारतीयों ने संसार को जो योगदान दिया है उससे कौन इनकार कर सकता है. आज भी भारत अपने योगदान की विरासत बचाए रखने के लिए अपने तरीके से हर संभव कोशिश कर रहा है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि वह यह काम चुपचाप करता रहता है. अतीत के कडवे अनुभवों के बावजूद भारत ने अपने पड़ोसी देशों को मदद के लिए कभी इनकार नहीं किया... आगे>>>

  प्रिय संपादक

Dear Editor सख्त कानून की जरूरत

चीनी व्यापारियों और उनकी जमाखोरी की वजह से हमारे यहां चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं. हम चाहे कितनी भी पैदावार कर लें, पर जमाखोर और ठेकेदार जमीन से आसमान तक खर्चा पहुंचाने में कमी नहीं करते, जिसकी वजह से आम आदमी आनेवाले त्योहारों को तो छोड़ दें, चीनी से बनने वाली चीजों से भी तौबा कर लेगा. सरकार को चीनी के दाम उचित मूल्य पर लाने के लिए किसानों को सब्सिडी देने के साथ साथ जमाखोरों और ठेकेदारों पर लगाम लगाने की जरूरत है. अगर सरकार सच में कालाबाजारी को रोकना चाहती है तो उसे इसके खिलाफ सख्त कानून बनाना चाहिए.... आगे>>>