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क्‍या अजय बदल देंगे अल्बर्ट आइंस्टीन का सिद्धांत

 

रजनीश शर्मा | Issue Dated: नवंबर 13, 2011
 

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आइंस्टीन का सिद्धांत, अजय की आपत्तियां

आइंस्टीन ने 1905 में थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी प्रतिपादित की. इसके अनुसार ब्रह्मांड का कोई भी कण प्रकाश की गति से तेज नहीं चल सकता. यदि ऐसा हो जाए तो उसका भार और ऊर्जा भी अनंत हो जाएगी. अजय का कहना है कि आइंस्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध जिस तरीके से स्थापित किया गया है, उससे कई स्थितियों में यह समीकरण सही नहीं बैठता है. उनका दावा है कि कुछ अवस्थाओं में आइंस्टीन की स्थापना लागू ही नहीं होती.

उदाहरण के लिए, अगर कोई मोमबत्ती जलाई जाए तो उसका भार लगातार कम होता जाता है. यह सभी देखते हैं, लेकिन आइंस्टीन के समीकरण E=mc2 के अनुसार अगर डेरीवेशन की सभी चार चर राशियों का मान लिया जाए तो जलती हुई मोमबत्ती का भार बढऩा चाहिए. बहरहाल, यह स्थिति देखने में नहीं आती. अजय का दावा है कि आइंस्टीन की डेरीवेशन की यही सबसे बड़ी खामी है.

हिमाचल के वैज्ञानिक की आंइस्‍टीन के सिद्धांत को चुनौती

अजय अपने शोध पत्रों में इसी बात को कहते आए हैं और वैज्ञानिकों ने इन शोध पत्रों को प्रकाशित भी किया है. अजय  के अनुसार आइंस्टीन ने जिस तरीके से E=mc2 फार्मूला निकाला, उसका कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है. आइंस्टीन ने प्रकाश उर्जा समीकरण यानी E=mc2 के आधार पर उक्त समीकरण की कल्पना की है. अजय के अनुसार प्रकाश उर्जा अन्य उर्जाओं से पूरी तरह भिन्न है और इनकी तुलना नहीं की जा सकती. अजय का दावा है कि हिरोशिमा व नागासाकी में जो परमाणु बम गिराए गए थे, उनकी ऊर्जा कम निकली और किसी ने भी इस संदर्भ में आइंस्टीन के मास-एनर्जी रिलेशनशिप की व्याख्या नहीं की. इसके अलावा बिग बैंग थ्योरी में भी आइंस्टीन का समीकरण लागू नहीं होता.
 


अजय का सुझाया समीकरण

आइंस्टीन के  E=mc2 के स्थान पर अजय E =Ac2∆mU सुझाते हैं. इस समीकरण में A समानुपात का गुणांक है. यहां A की वैल्यू अलग-अलग होती है. यह समीकरण रासायनिक क्रियाओं से निकली ऊर्जा की व्याख्या भी कर सकता है. अजय का कहना है  कि आइंस्टीन ने अपने सिद्धांत की स्थापना में एक प्रदीप्त वस्तु की कल्पना की है, जिसकी चार चर राशियां यानी वेरिएबल्स हैं. इन वेरिएबल्स के असंख्य मान हैं, लेकिन आइंस्टीन ने इन वेरिएबल्स के विशेष मान ही लिए हैं और यही उनकी सिद्धांत की सबसे बड़ी खामी है.

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अंक तिथि: अगस्त 1, 2013

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