श्रीम ज्वैलर ने देश की राजधानी नई दिल्ली के करोलबाग स्थित शोरूम में अपने नए फ्यूजन कलेक्शन को पेश किया। श्रीम ज्वेलर के इस नए कलेक्शन के पहले प्रीव्यू को ‘एक थी डायन‘ की स्टार-कास्ट इमरान हाशमी, कलकी कोचलिन और हुमा कुरैशी ने खासतौर पर लोगों के सामने पेश किया। फ्यूजन कलेक्शन को श्रीम ज्वैलर्स ने उन आधुनिक महिलाओं को भीड में सबसे अलग करने के लिए पेश किया है और ऐसा करने के लिए इस कलेक्शन में लाल और सफेद नीलम का सामंजस्य है जो कि संपन्नता को दर्शाते हैं।
स्वीडन की सौंदर्य प्रसाधन कंपनी ओरिफ्लेम इंडिया ने अपनी नई इकोब्यूटी रेंज बाजार में उतार दी है. यह पहली ऐसी ग्लोबल क्रॉस कैटेगरी की कॉस्मेटिक रेंज है जिसे चार जाने माने स्वतंत्र नैतिक, प्राकृतिक और पर्यावरण के प्रति समर्पित संगठनों - फेयरट्रेड, इकोसर्ट, द वेगन सोसायटी और फॉरेस्ट स्टुअर्डशिप काउंसिल® ;थ्ैब्®द्ध ने भी मंजूरी दी है।
अपने आगमन के साथ ही टैबलेट भारतीय उपभोक्ता बाजार पर छा गए हैं। इनका विकास बड़ी ही तीव्र रफ्तार से जारी है। यह एक महत्वपूर्ण आविष्कार है क्योंकि यह अपना उपयोग करने वालों को उनके डेस्क तक ही सीमित नहीं करता है। यह अपनी गतिशीलता, प्रयोग की सरलता के कारण अधिक उत्पादकता सुनिश्चित करता है तथा संगठनात्मक उपयोगों के लिए इसे विशेष तौर पर तैयार किया गया है। भारत में टैबलेट बाजार ने 0.55 मिलियन की बिक्री दर्ज की है।टीएसआई
बयोंड ने भारतीय बाजार में ‘‘माई बुक’’ सीरीज नाम से टैबलेट पीसी की व्यापक रेंज प्रस्तुत की है। ये टैबलेट वास्तविक अर्थों में अनोखे हैं। भारतीय बाजार में अलग-अलग किस्म के टैबलेट उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ बहुत ही महंगे हैं जबकि कुछ उतने महंगे तो नहीं हैं लेकिन उनमें बहुत कम फीचर्स हैं। बयोंड टैबलेट्स के साथ यह अनोखापन जुड़ा हुआ है कि ये कम से कम खर्चे में
देश के शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी का रुख रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 61.17 अंकों की तेजी के साथ 18,823.91 पर और निफ्टी 15.50 अंकों की तेजी के साथ 5,718.80 पर बंद हुआ.
देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी का रुख रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 183.24 अंकों की तेजी के साथ 18,762.74 पर और निफ्टी 53.80 अंकों की तेजी के साथ पर 5,703.30 पर बंद हुआ.
देश के आठ महत्वपूर्ण उद्योगों की विकास दर अगस्त 2012 में मामूली 2.1 फीसदी रही, जो 2011 की समान अवधि में 3.8 फीसदी थी. आठ महत्वपूर्ण उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम रिफायनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली उद्योग शामिल हैं. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इनकी 37.90 फीसदी हिस्सेदारी है.
देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट का रुख रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 52.67 अंकों की गिरावट के साथ 18,579.50 पर और निफ्टी 13.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,649.50 पर बंद हुआ.
देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 21.07 अंकों की बढ़त के साथ 18694.41 पर जबकि निफ्टी 4.30 अंकों की बढ़त के साथ 5673.90 पर बंद हुआ.
देश के शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट का रुख रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 79.49 अंकों की गिरावट के साथ 18,673.34 पर और निफ्टी 21.55 अंकों की गिरावट के साथ 5,669.60 पर बंद हुआ.
देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह डेढ़ फीसदी से अधिक तेजी रही. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत साप्ताहिक कारोबार में सुधार के अनुकूल असर की उम्मीद में 1.56 फीसदी या 288.56 अंकों की तेजी के साथ 14 महीने के ऊपरी स्तर 18,752.83 पर बंद हुआ. सेंसेक्स इससे पिछले सप्ताह भी 4.03 फीसदी या 714.62 अंकों की तेजी के साथ 18,464.27 पर बंद हुआ था.
देश का विदेशी पूंजी भंडार 14 सितम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में 2.43 अरब डॉलर बढ़कर 294.47 अरब डॉलर हो गया. इससे पिछले सप्ताह भंडार 1.58 अरब डॉलर घटकर 292 अरब डॉलर रह गया था.
देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को उछाल दर्ज किया गया. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 403.58 अंकों की तेजी के साथ 18,752.83 और निफ्टी 136.90 अंकों की तेजी के साथ 5,691.15 पर बंद हुआ.
देशव्यापी हड़ताल से गुरुवार को देश भर में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा कि देशव्यापी हड़ताल से भारतीय अर्थव्यवस्था को 12,500 करोड़ रुपये (2.25 अरब डॉलर) का नुकसान होने का अनुमान है.
देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को गिरावट का रुख रहा. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 146.76 अंकों की गिरावट के साथ 18,349.25 पर और निफ्टी 45.80 अंकों की गिरावट के साथ 5,554.25 पर बंद हुआ.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) द्वारा प्रकाशित भारत के लिए कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 17 सितम्बर को मामूली घटकर 115.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.