अंक - 13 /12 / 2009

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E-Magazine

  एक लोहार के

cartoon of the week


  संपादकीय

Professor Arindam Chaudhuri, Renowned Management Guru & Economist, Dean - IIPM

26/11 के पहिलका बरसी के पूर्व संध्या प यूपीए के ध्यान दू दशक पुरान बाबरी मामला प होखला के बजाय ओह मुद्दा प होखे के चाहत रहे जेकरा से भविष्य में अइसन अफरा-तफरी के रोकल जा सके!!
लिब्रहान आयोग के रिपोर्ट पेश होखे से पहिले लीक हो जाये अउर ओकरा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दोषी ठहरावल जाये संबंधी मामला जवना तरह के विवाद आ बवाल खड़ा कइले बा, ओकरा से सरकार बांच सकत रहे. कहे के जरूरत नइखे कि ई एक हाली फेर संघ परिवार के हर स्तर प एकजुट कइले बिया. एह गोपनीय दस्तावेज के लीक होखे आ संसद में राखल जइला से पहिले प्रेस में आ जाए के मुद्दा प ऊ सरकार के साथे दू-दू हाथ करे के तैयार बाड़े...आगे>>>

   विशेष कालम
Column news
प्रशांतो बॅनर्जी
अपमान में सबक आगे >>>
Column news
थॉमस फ्रीडमैन
अमेरिका के चाहीं नीमन नागरिक  आगे>>>
Column news
विभूति नारायण राय
पीएसी के एगो करिया अध्यायआगे>>>



  कभर स्टोरी

Cover Story
छोड़ीं बाबरी मस्जिद

का भइल ओह नरसंहारन के
मेरठ में (1987) आ
भागलपुर (1989)?
ओहिजा से द संडे इंडियन के एक्सक्लूसिव रिपोर्ट


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  मगजमारी

Dear Editor टेलीकॉम उद्योग में बदलाव

एह घरी पूरा टेलीक ॉम सेक्टर विस्तृत संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहल बा. एगो उहो समय रहे जब उपभोक्ता के इनकमिंग कॉलो खातिर भुगतान करे के पड़त रहे. अउर एगो समय इहो बा जब ओही उपभोक्ता के कॉल कइला प पैसा मिल रहल बा. पूरा टेलीकॉम उद्योग बदलाव के ओर आगे बढ़ रहल बा... आगे>>>

  पाठक के पाती

Dear Editorन्याय के दरद



हमनी के समाज में न्याय शब्द के बहुत अहमियत बा. बाकिर सबसे अहम सवाल ई बा कि केतना लोगन के न्याय मिल पावेला. जइसे की संपादक जी आपन संपादकीय में मनु शर्मा के पे रोल प दिल्ली सरकार द्वारा छोड़े के फैसला प आपन कलम चलवले बानी. ई सांच बात बा कि जवन अपराधी अपराध 1999 में करत बा आ ओकरा के सात साल बाद 2006 में सजा मिलत बा, ओकरा आपन व्यवसाय चमकावे खातिर मुख्यमंत्री के अनुशंसा प पे रोल प छोड़ दीहल जात बा के न्याय ना कहल जाई ... आगे>>>